Rahat indori shayari in hindi | राहत इंदौरी की मशहूर शायरी

Read Popular Rahat Indori Shayari in Hindi राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में।

राहत इंदौरी का वास्तविक नाम राहत कुरैशी था, जिसे बाद में राहत इंदौरी के नाम से जाना गया, उनका जन्म 1 जनवरी 1950 को इंदौर में हुआ था उनके पिता का नाम रफतुल्लाह कुरैशी और उनकी माता का नाम मकबूल उन निसा बेगम था।

राहत इंदोरी ने अपनी स्कूली शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर से की, जहाँ से उन्होंने अपनी हायर सेकंडरी पूरी की। राहत जी ने 1973 में इस्लामिया करीमिया कॉलेज,  से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में MA किया और स्वर्ण पदक जीता। सन् 1985 में उर्दू मुख्य मुशायरा नामक उनकी थीसिस के लिए सम्मानित किया गया था। राहत इंदोरी जी ने मुशायरा और कवि सम्मेलन में 35 - 45 वर्षों तक प्रदर्शन किया। 10 August 2020 को कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई। आज हमारे बीच राहत इंदोरी जी नहीं रहे लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी।

Rahat indori shayari in hindi | राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में


Rahat indori shayari in hindi | राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में


इश्क़ में जीत के आने के लिए काफी हूं, मैं निहत्था ही जमाने के लिए काफी हूं,  मेरी हर हकीकत को मेरी ख़ाक समझने वाले.. मैं तेरी नींद उड़ाने के लिए हीं काफी हूं।।


ये सहारा जो नहीं हो तो परेशां हो जायें , मुश्किलें जान ही ले लें अगर आसां हो जायें... ये जो कुछ लोग फरिश्तों से बने फिरते हैं, मेरे हत्थे कभी चढ़ जाएं तो इंसान हो जाएं।।


Rahat indori shayari on life in hindi 


अगर खिलाफ है होने दो जान थोड़ी है,  ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है,  लगेगी आग तो आएँगे घर कई जद में, यहाँ पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है।।


मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर, मगर हद से गुजर जाने का नईं 
सितारें नोच कर ले जाऊँगा, मैं खाली हाथ घर जाने का नईं , वबा फैली हुई है हर तरफ, अभी माहौल मर जाने का नईं 
वो गर्दन नापता है नाप ले, मगर जालिम से डर जाने का नईं।।


Rahat Indori Shayari on life


घर से ये सोच के निकला हूँ कि मर जाना है, अब कोई राह दिखा दे कि किधर जाना है , जिस्म से साथ निभाने की मत उम्मीद रखो , इस मुसाफ़िर को तो रस्ते में ठहर जाना है।।


तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा कर के , दिल के बाज़ार में बैठे हैं ख़सारा कर के , आते जाते हैं कई रंग मेरे चेहरे पर , लोग लेते हैं मज़ा ज़िक्र तुम्हारा कर के , एक चिंगारी नज़र आई थी बस्ती में उसे , वो अलग हट गया आँधी को इशारा कर के।।


Rahat indori shayari in hindi text 


मैं एक गहरी ख़ामोशी हूं आ झिंझोड़ मुझे , मेरे हिसार में पत्थर-सा गिर के तोड़ मुझे , बिखर सके तो बिखर जा मेरी तरह तू भी , मैं तुझको जितना समेटूँ तू उतना जोड़ मुझे।।


जहाँ पे कुछ भी नहीं है वहाँ बहुत कुछ है , ये कायनात तो है खाली हाशिया मेरा , बुलंदियों के सफर में ये ध्यान आता है , ज़मीन देख रही होगी रास्ता मेरा।।


Rahat indori attitude shayari in hindi 


सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें, जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे, शाखों से टूट जाए वो पत्ते नहीं हैं हम, आंधी से कोई कह दे की औकात में रहें।।


Rahat indori popular Shayari in Hindi राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में


फैसला जो कुछ भी हो, हमें मंजूर होना चाहिए , जंग हो या इश्क हो, भरपूर होना चाहिए , भूलना भी हैं, जरुरी याद रखने के लिए , पास रहना है, तो थोडा दूर होना चाहिए।।


कभी अकेले में मिलकर झंझोर दूंगा उसे , जहां-जहां से टूटा है जोड़ दूंगा उसे , मुझे छोड़ दिया उसने ये कमाल है उसका , इरादा मैंने किया था छोड़ दूंगा उसे।।


हर एक हर्फ़ का अंदाज़ बदल रखा हैं, आज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रखा हैं, मैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दिया, मेरे कमरे में भी एक “ताजमहल” रखा हैं


Dr. Rahat Indori Famous Shayari / राहत इंदौरी की मशहूर शायरी हिंदी में


हालात ने चेहरे की चमक छिन ली वरना , दो चार बर्ष में बुढ़ापा नही आता , इस तरह मसायल के जहन्नुम में जला हूँ।
अब कोई भी मौषम में पशीना नहीं आता।


आँखों में पानी रखों होंठो पे चिंगारी रखो, जिंदा रहना है तो तरकीबे बहुत सारी रखो, राह के पत्थर से बढ के कुछ नहीं हैं  मंजिलें, रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो।।


फ़ैशला जो कुछ भी हो मंज़ुर होना चाहिए , जंग हो या इश्क़ हो भरपूर होना चाहिए , कट चुकी है उम्र सारी जिनकी पत्थर तोड़ते , अब तो इन हाथों मे कोहिनूर होना चाहिए


Rahat Indori ki Dard Bhari Shayari राहत इंदौरी की दर्द भरी शायरी 


अजनबी ख़्वाहिशें सीने में दबा भी न सकूँ , ऐसे ज़िद्दी हैं परिंदे कि उड़ा भी न सकूँ , फूँक डालूँगा किसी रोज़ मैं दिल की दुनिया , ये तेरा ख़त तो नहीं है कि जला भी न सकूँ।


लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे,पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे,उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद,और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे।


चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं, इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं, महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश, जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है।।


राहत इंदौरी की दर्द भरी शायरी / Rahat indori sad Shayari in Hindi


अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे , फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे , ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे , अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।


हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते , जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते , अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है , उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते।


तेरी हर बात मोहब्बत में गँवारा करके , दिल के बाज़ार में बैठे हैं खसारा करके , मैं वो दरिया हूँ कि हर बूंद भंवर है जिसकी,
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।


Rahat indori best love shayari in hindi राहत इंदौरी शायरी हिंदी लव


कभी दिमाग़ कभी दिल कभी नज़र में रहो , ये सब तुम्हारे ही घर हैं किसी भी घर में रहो , जला न लो कहीं हमदर्दियों में अपना वजूद , गली में आग लगी हो तो अपने घर में रहो।।


आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं , हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं , दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है, 
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं।।


जुबां तो खोल, नज़र तो मिला, ज़वाब तो दे , मै कितनी बार लूटा हूँ, मुझे हिसाब तो दे , तेरे बदन की लिखावट में है उतार चढाव बहुत , मै तुझको कैसे पढ़ू, मुझे किताब तो दे।।


Shayari by rahat indori on love  राहत इंदौरी लव शायरी हिंदी


अब जो बाज़ार में रखे हो तो हैरत क्या है , जो भी देखेगा वो पूछेगा की कीमत क्या है , एक ही बर्थ पे दो साये सफर करते रहे , मैंने कल रात यह जाना है कि जन्नत क्या है।।


जवान आँखों के जुगनू चमक रहे होंगे , अब अपने गाँव में अमरुद पक रहे होंगे , भुलादे मुझको मगर, मेरी उंगलियों के निशान , तेरे बदन पे अभी तक चमक रहे होंगे।।


सफ़र की हद है वहां तक की कुछ निशान रहे , चले चलो की जहाँ तक ये आसमान रहे , ये क्या उठाये कदम और आ गयी मंजिल , मज़ा तो तब है के पैरों में कुछ थकान रहे।।


Two line shayari of rahat indori राहत इंदौरी शायरी हिंदी 2 लाइन 


अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को , 
मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं ,


बादशाहो से भी फेंके हुए सिक्के ना लिए
हमने ख़ैरात भी मांगी है तो खुद्दारी से..


बस एक तुम्हे मांगने के बाद,
बाकि सब तुम्हारे लिए ही मांगा है।। 


जागने की भी जगाने की भी, आदत हो जाये,
काश तुझे भी किसी शायर से मोहब्बत हो जाए।। 


चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दिया, 
इश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया ,


उम्र भर चलते रहे आँखों पे पट्टी बाँध कर
जिंदगी को ढ़ूंढ़ने में जिंदगी बर्बाद की

Rahat indori 2 line hindi shayari  राहत इंदौरी शायरी हिंदी २ लाइन


अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया ।।


दो गज सही ये , मेरी मिलकियत तो हैं
ऐ मौत तूने मुझे , ज़मीदार कर दिया।।


शाम ढले हर पन्छी को घर जाना पड़ता है।
कौन ख़ुशी से मरता है यहाँ मर जाना पड़ता है।


अभी गनीमत है सब्र मेरा अभी लबालब भरा नहीं हुँ,
वो मुझको मुर्दा समझ रहा है उसे कहो मैं मरा नहीं हुँ।।


ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
मैं बच भी जाता तो एक रोज मरने वाला था।।


तूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करो
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो


फूलों की दुकानें खोलो, खुशबू का व्यापार करो
इश्क़ खता है तो, ये खता एक बार नहीं, सौ बार करो


Gulzar shayari Collection | गुलज़ार की शायरी | Gulzar quotes

रहने दे उधार, एक मुलाकात यूं ही, 
सुना है "उधार" वालों को लोग भुलाया नहीं करते...