Gulzar shayari Collection | गुलज़ार की शायरी | Gulzar quotes

Gulzar Sahab - Sampurnan Singh Kalra, also known professionally as Gulzar and Gulzar Saab, is an Indian songwriter, poet, writer, screenwriter and film director. He started his career with music director S.D. Who will be known as Gulzar? People watched his movies, listened to his dialogues and gave a lot of love to his songs. Apart from this, Gulzar saheb has also written Nazm and Ghazal. Let's read the special Gulzar shayari Collection | गुलज़ार साहब की शायरी | Gulzar quotes of the Ghazals written by him

Gulzar shayari Collection

Gulzar shayari Collection | गुलज़ार साहब की शायरी | Gulzar quotes

रहने दे उधार, एक मुलाकात यूं ही,
सुना है "उधार" वालों को लोग भुलाया नहीं करते...!!


आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है,
जो भी छिपा रखा है मन में लूटा देने का मन है..!!


कैसे गुजर रही है सब पूछते हैं,
कैसे गुजारता हूँ, कोई नही पूछता..!!


तेरी तरह बेवफा निकले मेरे घर के आईने भी¸
खुद को देखूं तेरी तस्वीर नजर आती है..!!


तोड़कर जोड़ लो चाहे¸ हर चीज दुनिया की¸
सब कुछ काबिले मरम्मत है एतबार के सिवा..!!


कुछ शिकायत बनी रहे¸ तो बेहतर है,
चाशनी में डूबे रिश्ते वफादार नही होते..!!


एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा..!!


कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं,
और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता..!!
Gulzar Sahab


मैं दिया हूँ,
मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं..!!


छोटे ‪‎शहर‬ के ‪‎अखबार‬ जैसा हूं मैं…
‪दिल‬ से ‪लिखता‬ हूं…, शायद इसलिए कम ‪बिकता‬ हू..।

Best of gulzar shayari

किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत,
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं..!!


एक sapne के टूटकर चकनाचूर हो Jane के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम #jindgi हैं..!!


मोहब्बत तो साहब दोनों तरफ थीं,
बस किस्मत की लकीरों ने बाज़ी ही पलट दी..!!



हम दरख़्तों को कहां आता है हिजरत करना, 
तुम परिंदे हो वतन छोड़ के जा सकते हो..!! 


तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं... 
Gulzar Sahab


कहने को तो बहुत कुछ बाकी है.... 
लेकिन तेरे लिए तो मेरी खामोशी ही काफी है..!! 


सुनो….ज़रा रास्ता तो बताना, 
मोहब्बत के सफ़र से, वापसी है मेरी..!! 


Jindgi से यही गिला है mujhe, 
तू बहुत देर से #mila है मुझे..!! 


तु प्यार से कोई चाल तो चल, 
हार जाने का हौसला आज भी है मुझमे..!! 


पूरा दिन गुजर गया तुमने याद तक नहीं किया, 
मुझे नहीं पता था कि इश्क में भी इतवार होता है..!! 

Gulzar shayari and Ahsaas | Gulzar quotes

मुझ पर करो सितम तो तरस मत खाना,
क्योंकि ✒ खता मेरी है मोहब्बत मैंने की है..!!


कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं, तो तुम शर्ते बदल देते हो..!!


मैं थक गया था परवाह करते करते, 
ज़ब से बेपरवाह हूँ आराम से है..!! 


नाराज तो नहीं हूं तुम्हारे जाने से,
बस हैरान हूं कि तुमने एक बार भी मुड़ कर नहीं देखा..!! 


कभी तो चौक के देखे वो हमारी तरफ़,
किसी की आँखों में हमको भी वो इंतजार दिखे..!! 


अच्छा हुआ भगवान ने हमारा भी दिल तोड़ दिया, 
वर्ना हम तो टूटे दिल वालो का मज़ाक उड़ाया करते थे..!! 


तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी लगती है, 
वरना सीने में साँस भी पराई लगती है..!! 


सुना था जिंदगी बडी बेरहम होती है, 
लेकिन जब मिली तो जीना सीख गये..!! 


होती है बातें आज भी रातभर, 
कल तुझसे करते थे, आज ख़ुद से करते हैं..!! 


सोचा था हर दर्द बताएंगें तुमसे मिलकर, 
तुमने तो इतना भी नहीं पुछा की तुम खामोशक्यों हो..!! 

Gulzar hindi shayari | गुलज़ार साहब की शायरी

ए मत सोचना की आस छोड़ दी है, 
बस मैंने तेरी तलाश छोड़ दी है..!! 
Gulzar


ये नाराजगी भी, एक अजीब रिश्ता है, 
अगर हो जाती है तो, दिल और दिमाग दोनों में रहती है..!! 


उनकी चाहत में हम कुछ यूँ बंधे है कि, 
वह साथ भी नहीं और हम अकेले भी नहीं..!! 


दाद देते है तुम्हारे नजर अंदाज करने के हुनर को, 
जिसने भी सिखाया वो उस्ताद कमाल का होगा..!! 


वो लोग डूबा रहे है मुझे, 
जिन्हें कभी हमने तैरना सिखाया था..!! 


जिन्दगी की राह में मिलेंगे तुम्हें हजारों हमसफ़र, 
लेकिन उम्र भर भूल न पाओ जिसे वो मुलाकात हूँ मैं..!! 


घर का दरवाजा खुला छोड़ दिया है मैंने, 
शायद आ जाऐ कभी रूठ  के जाने वाला..!! 


ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की… 
और कहना कि,   कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश
उनके आँचल का इंतज़ार करती है


बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती..!! 


तबाही की बड़ी ख़्वाहिश थी, तभी तो दिल लगा बैठे,
जरा भी इल्म ना था उनके इरादों का, तभी सपने सजा बैठे..!! 

5 best gulzar sahab shayari

खता इतनी थी कि उनको पाने की कोशिश की, 
अगर छीनने की कोशिश करते तो बेशक वो हमारे होते..!! 


समेट लो इन नाजुक पलो को ना जाने ये लम्हे हो ना हो, 
हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलो में हम हो ना हो..!! 


पलक से पानी गिरा है, तो उसको गिरने दो, 
कोई पुरानी तमन्ना, पिंघल रही होगी..!! 


बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है..!! 
Gulzar Sahab



कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत, 
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना..!! 


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